Gunja kumari 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक 29484 0 Hindi :: हिंदी
मेरे सिर प ताज चढ़े, तेरे दिल में आग लगे। निकली ऐसी वाणी, की आसमान छू ले।। का पता तेरी पहचान छोड़ दें। कब हो जाए तेरा अंत, मुझको क्या पता।। छोटा हुआ तो क्या हुआ, तुझसे है अधिक ज्ञान। संस्कारों का मोल, कब किसपर बरस जाए लाख टका मो मोल।।