Vipin Bansal 23 Jan 2024 कविताएँ धार्मिक 28616 0 Hindi :: हिंदी
कविता = ( मेरे श्री राम को अयोध्या मिल गई )
मुगलों की शतरंज की चालें बदल गईं !
बाबर की शहंशाही खाल बदल गई !!
बाबरी मस्जिद जिसे कहते सभी थे !
अलीबाबा कहानी की सिमसिम निकल गई !!
सिमसिम के चोरों ने लूटे सनातन के खजाने !
लद गये उन चोरों के अब हैं ज़माने !!
सोमनाथ मंदिर में दीये फिर से जलेंगे !
उन चोरों के और भी सिमसिम खुलेंगे !!
मथुरा, काशी विश्वनाथ हमें फिर से मिलेंगे !
हिंदुत्व को मिटाने के अब प्रमाण मिल गए !!
मुगलों के बनाए हमें हथियार मिल गए !
गंगा जमुनी तहज़ीब के निशान मिल गए !!
सनातन धर्म की लौ हर दिल में जल गई !
अज्ञानता के तम को वो निगल गई !!
मुगलों की शतरंज की चालें बदल गईं !
बाबर की शहंशाही खाल बदल गई !!
आतंक के बल पर यहाँ वो ठहरे !
भारत को लूटने आये वो लूटेरे !!
हिंदूओं को जबरन मुसलमान बनाया !
सिख गुरूओं को ज़िंदा तेल में तलवाया !!
सनातन धर्म का लहू खूब बहाया !
सिख गुरुओं को ज़िंदा दीवार में चुनवाया !!
माँ, बहनों की इज़्ज़त से हमारी वो हैं खेले !
इतिहास के पन्ने उन्हें शहंशाह क्यों बोले !!
इतिहास के पन्ने अब फिर से लिखेंगे !
सिख गुरूओं की शहादत अब बच्चे पढ़ेंगे !!
भारत को अब हिंदू राष्ट्र बनाकर रहेंगे !
सनातन धर्म का डंका बजाकर रहेंगे !!
भगवे रंग में अब दुनियाँ रंग गई !
मेरे श्री राम को अयोध्या मिल गई !!
मुगलों की शतरंज की चालें बदल गईं !
बाबर की शहंशाही खाल बदल गई !!
भारत अब विश्व गुरु बनकर रहेगा !
दुनियाँ का बच्चा-बच्चा जय श्री राम कहेगा !!
आतंक के रावण की अब लंका जलेगी !
दहशतगर्दी अब न यहाँ पर चलेगी !!
हरि सिंह का कश्मीर फिर स्वर्ग बनाएंगे !
पी ओके हम फिर वापस लाएंगे !!
कश्मीरी पंडितों के घर फिर बसाएंगे !
केसर की क्यारी को फिर महकायेंगे !!
जो तोड़े थे मंदिर वो फिर बनाएंगे !
कठपुतलियों के हाथों न देश चलाएंगे !!
जात-पात में अब न बटकर रहेंगे !
हम हिंदू हैं बस हम हिंदू रहेंगे !!
गूंगी-बहरी सरकारें सब उखड़ गईं !
सनातन धर्म की आंधी जब चल गई !!
भगवे रंग में अब दुनियाँ रंग गई !
मेरे श्री राम को अयोध्या मिल गई !!
मुगलों की शतरंज की चालें बदल गईं !
बाबर की शहंशाही खाल बदल गई !!
विपिन बंसल.