NEM SINGH RAJPUT SARFIRA 12 Oct 2025 कविताएँ हास्य-व्यंग 16755 0 Hindi :: हिंदी
यमलोक में पहुंच एक इंसान सबसे पहले किया यमराज को प्रणाम
यमराज हंसे और भोले कैसे हो भाई यहां आने की कैसे तकलीफ उठाई
हाथ जोड़कर विनम्र से बोल इंसान काम की तलाश में आया हूं महाराज
यह सुनकर यमराज हंसे और बोले क्या मृत्यु लोक पर काम नहीं है
पिछले हफ्ते हमने सुना था एक फरमान
मेकिंग इंडिया हो गया है सारा हिंदुस्तान
और तुम रहते हो काम नहीं है
यह कैसी सच्चाई जिसका नाम नहीं है
फिर यमराज बोले चलो हम देंगे तुम्हें काम
अपने बारे में बताओ कितनी पढ़े लिखे हो भाई
फिर रोते-रोते इंसान अपनी कथा सुनाई
नाम है मेरा सोनू काका M.A हिंदी का हूं श्रेष्ठ ज्ञियाता
आठ साल मैंने करी कमाई फिर भी घर की स्थिति
सुधार न पाई
चार थे बच्चे पत्नी थी बीमार ₹300 रुपए मिलती थी मजदूरी इससे घर चलाता कि बीमार पत्नी को दिखाता
एक दिन ऐसा आया महामारी ने सारा देश हिलाया
घर बैठे कई महीने बीते
फिर सरकार की तरफ से मिट्टी से सना और चूहो
से काटा अनाज घर आया
कुछ दिन ठीक रहा फिर कोरोना ने मुझे सताया
मैं भर्ती होने हॉस्पिटल आया
वहां की लापरवाही ने मुझे मुर्दा बनाकर घर पहुंचा
जब हुआ मेरा अंतिम संस्कार
घर का कोई पास ना बुलाया
यह देख दृश्य मेरी आत्मा ने रू धन मचाया
बड़े कष्ट सहन कर महाराज आपके पास काम मांगने आया
यमलोक में पहुंच एक इंसान