MD SHAYEED ALAM 08 Apr 2026 कविताएँ प्यार-महोब्बत कविता 7192 0 Hindi :: हिंदी
अपने लिए तो जीते हैं सब, पर दूसरों के लिए जीने का मजा कुछ और है। अपनी जुबान से तो हंसते हैं सारे, पर दूसरों की हंसी बन जाने का मजा कुछ और है। अपनों के काम तो आते हैं सब, पर परायों के काम आने का मजा कुछ और है। अपनी आंखों से तो देखते हैं सारे, पर किसी भटके को राह दिखाने का मजा कुछ और है। अपने गम में तो आंसू बहते हैं सब, पर दूसरों के गमों में रोने का मजा कुछ और है। अपने उलझने तो दूर करते हैं सारे, पर किसी उलझे को सुलझाने का मजा कुछ और है। एक दिन तो मर जाएंगे सब, पर लोगों की यादों में बस जाने का मजा कुछ और है।।