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मैं शांत हूं

UMMED JHAJHOTAR 01 Sep 2025 कविताएँ प्यार-महोब्बत #कविता #लेखन साहित्य #प्रेम 20318 0 Hindi :: हिंदी

मैं शांत हूं   
मेरे मन की गहराइयों में   
सपने तैरते हैं,   
फूलों की खामोश खुशबू।   
 
सूरज की पहली किरणें   
चुपचाप छूती हैं मुझे,   
एक नई सुबह के   
अबूझ एहसास के साथ।   
 
हर धड़कन में   
एक संगीत है,   
जो सुनाई नहीं देता,   
फिर भी मैं जानता हूं,   
मैं शांत हूं।   
 
बादल की छांव में,   
पत्तों की सरसराहट पर,   
मैं धीरे-धीरे   
अवकाश में ढल रहा हूं,   
किसी अनकही दुनिया की ओर।
                        उम्मेद झाझोटड़ ✍️

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