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मैं राष्ट्रीय एकता का प्रतीक हूँ

MUKESH KUMAR DHODHAWAT 10 Aug 2025 कविताएँ देश-प्रेम मैं राष्ट्रीय एकता का प्रतीक हूँ मैं तिरंगा कहा जाता हूं 15757 0 Hindi :: हिंदी

मैं राष्ट्रीय एकता का प्रतीक हूँ 
मैं तिरंगा कहा जाता हूं 

7 अगस्त 1906 को मुझे 
पारसी बागान में लाया गया 
हरी पट्टी पर कमल के फूल रखे 
पीली पर वंदे मातरम लिखाया गया 
लाल पट्टी पर मेरे सूर्य ओर चांद मिले 
मुझे कभी कभी कलकत्ता फ्लैग  बुलाया गया 
में इस मिट्टी की शान कहा जाता हूं 

मैं राष्ट्रीय एकता का प्रतीक हूँ 
 मैं तिरंगा कहा जाता हूं 

1907 में  भीका जी कामा ने मुझे 
पेरिस में फहराया गया बाद में 
बर्लिन में दिखाया गया 
मैं पहले जैसा ही था 
और मुझे भारतीय राष्ट्रीय ध्वज कहा गया 
मैं भारत की शान कहा जाता हूं 

मैं राष्ट्रीय एकता का प्रतीक हूँ 
मैं तिरंगा कहा जाता हूं 

1917 में मुझे तिलक साहब ने उठाया था 
परिवर्तन की चाह में पांच लाल 
ओर चार हरि पट्टी में रंगाया था 
कोने में मेरे यूनियन जैक रहे
और सप्त ऋषि भी साथ रहे 
में होम रूल मूवमेंट कहा जाता हूं 

मैं राष्ट्रीय एकता का प्रतीक हूँ 
 मैं तिरंगा कहा जाता हूं 

1921 में मुझे विजागपटनम में लाया गया 
सबसे ऊपर मेरे लाल रंग 
नीचे में हरा 
बीच में चरखा को दिखाया गया 
में हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक बना 
में पिंगली वेंक्या डिजाइन कहा जाता हूं 

में राष्ट्रीय एकता का प्रतीक हूँ 
में तिरंगा कहा जाता हूं 

1931 में मैने अपने आप को बदल दिया 
 सबसे ऊपर केसरिया मेरे साथ रहे 
बीच में सफेद में चरखा साथ रहे 
सबसे नीचे हरे ने मेरा साथ नहीं छोड़ा 
में राष्ट्रीय ध्वज कहा जाता हूं 

में राष्ट्रीय एकता का प्रतीक हूँ 
में तिरंगा कहा जाता हूं 

22 जुलाई 1947 को मैने अपने आप को आजाद किया 
सबसे ऊपर पट्टी में केसरिया 
शांति का प्रतीक सफेद कहा गया 
नीचे में हरियाली रही सुखी जीवन समृद्ध का गान किया
 सारनाथ के अशोक चक्र ने सत्यमेव जयते को आदर्श बनाया और 
में 24 तीलियां का गुणगान किया 
में आजाद भारत का पहला तिरंगा कहा जाता हूं 

में राष्ट्रीय एकता का प्रतीक हूँ 
मैं तिरंगा कहा जाता हूं

मुकेश कुमार धोधावत 
7726075950

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