Bhagyashree Singh 02 May 2026 कविताएँ अन्य #zindagi ke rang#khwaab sunehre#khwaabon ka aashiyaan#zindagi rangbhari#like#share#comment#teekhikalam#sahitya#kavyalekhan#poetryslam#trend#sahityalive 4245 0 Hindi :: हिंदी
शीर्षक: ख्वाबों का आशियाँ
गमगीन है जिंदगी कुछ पल की,
मुस्कुराकर गले लगाती हूँ
दो पल की इस जिंदगी में,
मैं ख्वाबों का आशियाँ सजाती हूँ l
कुछ पल खुशियाँ हो मुकम्मल मेरी,
फरियाद मैं रब से लगाती हूँ l
दो पल की इस जिंदगी में,
मैं ख्वाबों का आशियाँ सजाती हूँ l
दूँ साथ बशर्त सभी रिश्तों का,
पर उम्मीदें भी रिश्तों से लगाती हूँ,
जो साथ न एक पल हो किसी का,
तो तन्हा ही सफर का हो जज्बा,
रब से यह गुहार लगाती हूँ,
मैं चंद पलों में समेट खुशी,
जिंदगी में मौज़ मनाती हूँ,
दो पल की इस जिंदगी में,
मैं ख्वाबों का आशियाँ सजाती हूँ l
कभी वक़्त मिले तो याद कभी,
उन लम्हो को कर जाती हूँ,
जिनसे सबक मिला जिंदगी का,
उनका एहसान जताती हूँ,
मेरा रब ही गवाह है फैसलों का मेरे,
कभी दर्द ना माँगा किसी के लिए,
कोई गलती हुई तो माफ़ी सभी से,
मुनासिफ मिले फरियाद लगाती हूँ,
दो पल की इस जिंदगी में,
मैं ख्वाबों का आशियाँ सजाती हूँ l
मेरी कलम से
-भाग्यश्री सिंह
मेरा नाम भाग्यश्री है, मैं एक स्नातकोत...