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ख़ुद को प्रकृति के नजदीक पाऊँ

Meena ahirwar 31 May 2023 कविताएँ अन्य कविता- प्रकृति की सुंदरता का वर्णन। 29722 0 Hindi :: हिंदी

प्रकृति की देख सुंदरता को, 
 मैं ख़ुद को उसके नजदीक पाऊँ। 

 बैठूं उन घने पेड़ों की छाँव में, 
 और ख़ुद को आज़ाद पाऊँ । 

पेड़ों की गुनगुनाहट  सुन गुनगुनाऊ, 
 और खुलकर हँसना चाहूँ। 

 लहराते खेतों मैं झूमूँ, 
और ख़ुद को प्रकृति के नजदीक पाऊँ। 

मीना अहिरवार, 
जिला- छतरपुर (म.प्र) ।

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