Ranjana sharma 04 Sep 2025 कविताएँ दुःखद #Google Sad poetry#क्या होगा यहां इंसाफ मांग कर 15849 0 Hindi :: हिंदी
क्या होगा यहां इंसाफ मांग कर
जब इंसाफ मिलता ही नहीं
बात जब स्त्री की हो तो जुबान होकर भी
जुबान जब खुलता ही नहीं
गुहार लगाओ या मोमबत्तियां जलाओ
क्या ही फर्क पड़ेगा
जब हजारों के भीड़ में होगा कोई दरिंदा भी
कितनी देर चलेगी ये रेली भीड़ की
कितना भी आवाज उठाओ
पर होगा वही जो
सरकार चाहेगी
एक औरत के कोख से जन्म लेकर
जब अत्याचार सहे एक औरत ही
बोलो
भला क्या होगा उस संसार का
जब इंसाफ नहीं मिलेगा उन बेटी और बहनों की जिंदगी की
क्या कोई कीमत नहीं उनकी
क्या उड़ने की चाह उनकी नहीं
क्यों अपनी भूख मिटाने के लिए
कुर्बानी चढ़े हमेशा बहनों की....!!
धन्यवाद 🙏