Rambriksh Bahadurpuri 01 Dec 2024 कविताएँ देश-प्रेम #Rambriksh Bahadurpuri #Ambedkar Nagar poetry#Kavi ki Abhilasha kavita #Desh Prem per kavita #samajik kavita 41587 1 5 Hindi :: हिंदी
कवि की अभिलाषा
लिख जाऊॅं कुछ लेख लेखनी से अपने मैं
कर पाऊं सब पूर्ण लोकहित के सपने मैं
कर जाऊॅं इतिहास अमर अपनें अपनों का
शोषण हो ना कभी शोषितों के सपनों का
भूले भटके राही को पथ मैं दिखलाऊॅं
होऊॅं कवि हर बार,जन्म जब जब मैं पाऊॅं।
कर जाऊॅं उपकार बने जितना हो पाए
करता जाऊं कर्म राह मिलता जो जाए
न करूॅं कभी मैं क्रोध लोभ न मन में आए
प्रेम नेह का मेघ बरसता मुझ पर छाए
दूर अंधेरा कर मन को रोशन कर जाऊॅं
होऊॅं कवि हर बार,जन्म जब जब मैं पाऊॅं।
दुख को दुख मैं पीर गैर का अपना समझूॅं
मर्यादा सम्मान सदा सबका मैं समझूॅं
नेकी का आगाज उठे कलमों से मेरे
कह जाए कुछ भाव लेखनी सुबह सवेरे
राष्ट्र हेतु हित कार्य,भला जन का कर जाऊॅं
होऊं कवि हर बार,जन्म जब जब मैं पाऊॅं।
अमर लिखूॅं इतिहास वीर भक्तों के अपने
किया शीश बलिदान देश को हंसते जिसने
नमन लिखूॅं सत्कार देश के हर जन जन का
शान्ति और सौहार्द प्रेम सबके तन -मन का
गौरव गरिमा गान गीत का लिखता जाऊॅं
होऊं कवि हर बार ,जन्म जब जब मैं पाऊॅं।
रचनाकार
रामबृक्ष बहादुरपुरी
अम्बेडकरनगर उत्तर प्रदेश
1 year ago
I am Rambriksh Bahadurpuri,from Ambedkar Nagar UP I am a teacher I like to write poem and I wrote ma...