Anilkumar Rathwa (Sameer) 24 Aug 2025 कविताएँ धार्मिक कृष्ण – एक युग पुरुष 14166 0 Hindi :: हिंदी
गोकुल की गलियों में बांसुरी बजाई, माखन चुराकर भी प्रेम सिखाई। गोपी-ग्वाल संग हँसी की धारा, फिर भी भीतर था विश्व का सहारा। रणभूमि में सारथी बनकर, धर्म का दीप जलाया मन भर। गीता का सन्देश सुनाकर, युगों-युगों तक जग को जगाकर। कभी छलिया, कभी नीति के ज्ञाता, कभी प्रेमी, कभी धर्म प्रवक्ता। एक ही व्यक्तित्व में इतने रंग, कृष्ण रहे हर युग के संग। राजनीति के भी वो गुरु महान, मित्रता में अटल, प्रेम में दान। अन्याय के आगे सिर न झुकाया, सत्य और धर्म का पथ दिखलाया। कृष्ण न केवल देव स्वरूप, बल्कि युगों-युगों के पुरुष अनूप। हर युग में जो प्रेरणा बनते, वो ही कृष्ण—युग पुरुष कहलाते।