Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

मेरी पुकार प्रियतमा से

Ashok prihar 30 Mar 2023 कविताएँ दुःखद Google,Anya Sabhi Social media per 38753 0 Hindi :: हिंदी

काऊ कोऊ प्रियतमा से तौऊ बिन जिव नौऊ भय! 
लागु मन ताऊ से जिव अब काऊ भय!!
मझताऊ थाऊ से मै तौउ न पेऊ!
आवु मै घिरी-घिरी जाऊ न पेऊ!!
अर्थ:- 
        कहने का स्पष्ट भाव यह है कि मेरी प्रियतमा से कैसे बताऊं कि मैं उसे कितना प्यार करता हूं और उसके बगैर मेरा मन और कहीं भी नहीं लगता!  संसार का सारा सुख मुझे आप में दिखता है अर्थात मेरे परिवार मे माता-पिता भाई-बहन के बाद आप मेरा प्यार हो!  संसार का हर राग  बेसुरा और संसार का हर सुख मुझे दुख: के भाती आभास होता है  बार-बार मैं तेरा चेहरा देखने और तेरे आस पास फिरता हूं मगर मैं आपको कुछ कहता नहीं! 

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: