Ritvik Singh 30 Mar 2023 कविताएँ दुःखद Google Yahoo Bing 62171 0 Hindi :: हिंदी
कभी अधूरा हूँ तो कभी पूरा भी हूँ मै ,
कभी अगर सही हूँ तो कभी ग़लत भी हूँ मै
कभी अगर आँखो की पलक हूँ तो कभी उन्मे आते आँसू भी हूँ मै
कभी नफ़रत हूँ तों कभी थोड़ा सा प्यार भी हूँ मै
अगर तू इस ज़िंदगी में ना हो तो तेरे बिना लाचार भी हूँ मैं
कभी अधूरा हूँ तो कभी पूरा भी हूँ मै
कभी नदी का पानी हूँ तो कभी उसका किनारा भी हूँ मै
कभी गर्मी हूँ तो कभी ठण्ड भी हूँ मै
कभी नींद हूँ तो कभी टूटा ख़्वाब भी हूँ मै
कभी धूप हूँ तो कभी छाँव हूँ मै
कभी पसंद हूँ तो कभी ना पसंद हूँ मै
कभी पूरा हूँ तो कभी अधूरा हूँ भी मै
कभी तुमसे दूर हूँ तो कभी नज़दीक भी हूँ मै
कभी सूखा हूँ तो कभी उसमें पड़ती बरसात भी हूँ मै
कभी रोने की वजह हूँ तो कभी हसने की वजह भी हूँ मै
कभी अनजान हूँ तो कभी जानकार भी हूँ मै
कभी दुःख हूँ तो कभी खुशी की लहर भी हूँ मै
तुमको कभी पसंद ना आऊँ एसी चीज़ हूँ मै
क्यूँकि कभी अधूरा हूँ तो कभी पूरा भी हूँ मै
:- Ritvik Singh