Vipin Bansal 08 May 2023 कविताएँ धार्मिक 34224 0 Hindi :: हिंदी
कविता = ( कामना )
कामनाओं के हो गए सारे ग़ुलाम !
कामनाओं ने ले लिया ग़रज़ का नाम !!
मन घोड़े पर कामना सवार !
मन घोड़े की पकड़ी लगाम !!
पेट दिया तो होगा इंतज़ाम !
कामनाओं की गठरी क्यों ली बाँध !!
एक ही राह एक मुक़ाम !
फैंक यह गठरी भज ले राम !!
कामनाओं के हो गए सारे ग़ुलाम !
कामनाओं ने ले लिया ग़रज़ का नाम !!
ग़रज़ तो हो जाए सबकी पूरी !
कामनाएँ रहती सबकी अधूरी !!
मर गया शरीर न निकले जान !
कामनाओं में अटके रहते प्राण !!
कामनाओं की गठरी बोझ अपार !
भवसागर कैसे होगा पार !!
मन घोड़े की छोड़ी लगाम !
ग़रज़ तो हो गई यूँही बदनाम !!
कामनाओं के हो गए सारे ग़ुलाम !
कामनाओं ने ले लिया ग़रज़ का नाम !!
संतोष ही जीवन का आधार !
सबरी देहरी आए राम !!
कामनाओं से छीन लगाम !
मन को कर ले अपना ग़ुलाम !!
कामनाओं पे पूर्ण विराम !
मन में बसा ले तू सिया राम !!
सागर में तैरे पाषाण !
उन पर लिखा जय श्री राम !!
कामनाओं के हो गए सारे ग़ुलाम !
कामनाओं ने ले लिया ग़रज़ का नाम !!
विपिन बंसल