Karan Singh 30 Mar 2023 कविताएँ धार्मिक Ram/जय श्री राम/धार्मिक महत्व/सपनों का सौदागर.... करण सिंह/ Karan Singh/सामाजिक/चुभन/कहानी/गरीब महिला/*🦚कहानी - गधे का रास्ता💐* #प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर...... करण सिंह#/भक्ति/व्यर्थ इच्छा/भक्त रविदास/महाकवि कालिदास/कहानी घर घर की/फिल्मी दुनिया की करतूतें/कहानी🌸*एक कुंवा ऐसा भी!****** प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर...... करण सिंह/भक्ति/भक्त रविदास/*🌳🦚प्रेरक कहानी - खोटा सिक्का💐💐* #प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर........ करण सिंह#/खोटा सिक्का/प्रेरक कहानी* *मस्तराम का खजाना* 💐प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर..... करण सिंह💐/मस्तराम का खज़ाना/💐👌कविता-*पता ही नहीं चला !*😒💐 👍प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....करण सिंह👌/पता ही नही चला/कविता/💐जय श्री राम💐 【प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....करण सिंह/💐जय श्री राम💐 【प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....करण सिंह】/जय श्री राम/रामायण/महाभारत/जय श्री कृष्ण/ 58118 0 Hindi :: हिंदी
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💐जय श्री राम💐
【प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....करण सिंह】
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राम ब्रह्म राम विष्णु राम ही गुरु स्वरूप
राम ही तो ओमकार राम ही शिवोम हैं
राम क्षीर राम नीर राम ही महान वीर
राम ही धरा धुरी विशाल नील व्योम हैं
राम भक्ति स्रोत राम शक्ति ओतप्रोत राम
वासना के वृक्ष का अखंड अग्नि होम हैं
राम सूर्य राम सोम राम सार्थक विलोम
राम संग राम अंग राम रोम-रोम हैं
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💐जय श्री राम💐
【प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....करण सिंह】
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राम ही हैं योगक्षेम राम ही विशाल प्रेम
दुर्ग पर विराजमान भक्ति के विहंग हैं
राम रश्मि अंशुमान राम ही कृपानिधान
राम भाव डोर में बंधी हुई पतंग हैं
भक्त दीन हीन हेतु राम है कमल समान
क्रूर दुष्ट हेतु चाप तीर व निषंग हैं
राम को तकें जो नेत्र तो हृदय के युद्ध क्षेत्र
से हैं भागते समस्त वासना तुरंग हैं
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💐जय श्री राम💐
【प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....करण सिंह】
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भक्ति के उतंग से गिरे वही प्रपात राम
ज्ञान सिंधु में सदैव तैरते मराल हैं
प्रेम तरु की शाख पर लगे हुए हैं पात राम
प्रेम रस भरे हुए विशेष वे रसाल हैं
भक्त को करें निहाल राम काल के भी काल
कोटि हैं कराल हैं हृदय परम विशाल हैं
देह की रगों में दौड़ते हुए हैं रक्त राम
धड़कनों का वेग और श्वास अंतराल हैं
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💐जय श्री राम💐
【प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....करण सिंह】
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व्योम का हो ओर छोर या धरा की कोर कोर
देख लो किसी भी ओर राम विद्यमान हैं
दीन के दयालु राम भक्त के कृपालु राम
वीर के लिए बने स्वयं वे स्वाभिमान हैं
योगियों के योग राम साधकों के भोग राम
ज्ञानियों के हेतु वे प्रयोग के समान हैं
निर्बलों के पक्ष राम दुर्बलों के वक्ष राम
हैं जड़ों के रक्ष राम चेतनों के प्राण हैं
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💐जय श्री राम💐
【प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....करण सिंह】
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चैत्र जन्म ले अनंत हो वैशाख के बसंत
ज्येष्ठ ग्रीष्म ताप में ज्वलित धरा के चीर हो
तुम आषाढ़ मेघ नीर श्रावण के हो समीर
भाद्रपद में मेघ की घटा समान वीर हो
अश्विन करो संहार कार्तिक में दीपहार
मार्गशीर्ष जानकी मिलन को तुम अधीर हो
पौष की हो शीत माघ मास के हो मीत और
फाल्गुन के रंग में रंगे हुए शरीर हो
जय श्री राम
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💐जय श्री राम💐
【प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....करण सिंह】
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