NEM SINGH RAJPUT SARFIRA 04 Oct 2025 कविताएँ दुःखद 10773 0 Hindi :: हिंदी
आज मैंने उसकी आंखों में
चमकते सितारों को देखा है
बहती नदी के टूटे किनारों को
मैंने देखा है
जब मिली थी समुद्र से
मैंने कुछ कहते हुए देखा है
रूठ गई थी एक पल के लिए
मैंने समुद्र को
पर्वत की ओट में आंसू बहाते देखा है
पहुंचा दो मेरा संदेश नदी तक यह कहते हुए बादलों से समुद्र को मैंने देखा है
आज फिर मैंने कई वर्षों के बाद समुद्र को नदी से मिलते हुए देखा है
आज मैंने उनकी आंखों में चमकते सितारों को देखा है