Jeevan kumar 26 Aug 2025 कविताएँ हास्य-व्यंग अतिवृष्टि में कलक्टर महोदय द्वारा घोषित छुट्टियों के लिए लिखी एक छोटी सी कविता 14549 0 Hindi :: हिंदी
अतिवृष्टि के कारण,कलक्टर अवकाश घोषित हुआ था। बंद पानी सोचा!..हमने ज्ञान का दीपक जला था। अरे!गाड़ी चली,साथ बाते चली, लोगों में साथ चर्चाएं पली। संदेश हमारा चुराया गया, लोगों में उसे फैलाया गया। कर आप सब गलत रहे, नियम को आप न पाल रहे। शिक्षक शिक्षा का भाग है, समय पूर्व शिक्षा देना एतराज है। गर!..स्कूल स्कूल से जलते है, तो सामने क्यूं नहीं मिलते है। जल हमसे तुम्हे क्या मिलेगा, ज्ञानोदय न तुमसे हिलेगा। शिक्षक/शिक्षा से होड़ करो, तुम हम पर न इतना जोर करो। हमने कब ये हार मानी है, ज्ञानोदय ज्ञान का पानी है। आज के वार्तालाप के ऊपर कुछ पंक्तियां।