Prince 06 Jun 2023 कविताएँ धार्मिक #हिन्दी साहित्य #Google #धार्मिक 38401 1 5 Hindi :: हिंदी
जगत के सृष्टि कारण हो आप,
आदिम अंतिम अविकारी स्वरूप।
प्रेम की अमर धारा आप हैं,
भक्ति के सागर में भरपूर।
चरणों में बसे हैं सबके संकट,
आपकी कृपा से मिट जाते बाधा।
विश्वास की शक्ति आपके विश्राम,
चेतना के अभिसार का आधार है।
धर्म के मार्ग पर चलते हमेशा,
जीवन की प्राप्ति है तभी सम्भव।
स्वर्गीय सुखों का समय आए,
भजन करें हम आपका गाते गाते।
शान्ति के साथ आये आप धरती पर,
विधिवत करते हैं पालन-पोषण।
जीवन में आप ही हैं आधार हमारे,
आपकी शरण में चिर जीवन निवास हों।
आशा की किरणों से जगमगाती,
आपकी दिव्य ज्योति बनी रोशनी।
जीवन की दुर्घटनाओं से हमेशा,
सुरक्षित रहे आपकी कृपा की कुंजी।
गुणगान करते हैं हम आपके यहाँ,
चरणों में जीवन की आदर्शता।
प्रेम के पाठ पढ़ते हैं हम यहाँ,
आपकी सेवा से जागृत हैं मानवता।
भगवान आप हैं हर जगह विराजमान,
आपकी उपासना है हमारी साधना।
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लेखक : प्रिंस ✒️📗
2 years ago
Hey there I'm Prince from VPO kuralsi district Muzaffarnagar UP - 251309. I keenly love to write sto...