संदीप कुमार सिंह 29 Jun 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत मेरी यह कविता समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी रोमांचित होंगें। 50883 0 Hindi :: हिंदी
जा रहा हूं मैं जान अपनी छोड़कर यहां, लाऊंगा तेरे वास्ते सारा जहां। एक तमन्ना जीवन की, तेरे प्यार पर सिर्फ मेरा अधिकार है। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....