अंजली कुमारी 23 Oct 2024 कविताएँ देश-प्रेम हिंदी हूं हिंद देश का 34679 0 Hindi :: हिंदी
हिंद से है प्यार तुम्हें तो हिंदी को पहचानो तुम, विलुप्त हो रही मातृभाषा को जन-जन से परिचित करवाओ तुम। भारत कहती मुझे मातृभाषा अपनी आन बान शान में उसकी, फिर क्यों करते तुम मेरा अपमान नहीं देते मुझे सम्मान। प्रेमचंद्र,दिनकर,कबीर,सूरदास जयशंकर,द्विवेदी,कालीदास, ये है हिंद के कवि महान कविताओं से करते हिंदी का उत्थान। मैं हिंदी हूं हिंद देश का मैं भाषा हूं हिंद राष्ट्र का, मैं हिंदी हूं हिंद देश का मैं भाषा हूं हिंद राष्ट्र का। चलो आज सभी संकल्प करें आज हम फिर प्रयास करें, हिंद को बचाएंगे हम हिंदी को बढ़ाएंगे हम।।