वंदना स्तुति 12 Apr 2023 कविताएँ दुःखद आत्मकथा 37997 1 5 Hindi :: हिंदी
हे विधाता ! ए तेरी मेहरबानी है,🙏
तूने अधूरी लिखी जो मेरी कहानी है । 🖋️....
तारीफ ए लब्ज़ यूं कुछ खास कही जाती हुं,
कोई रंगीन सावन नही, पतझड़ का अहसास कही जाती हुं ।
हर रोज मेरा अपना कोई मुझे तानों की सुई चुभोता है,
तेरी कसम ये विधाता..अंधेरी रातों में ये दिल तड़प तड़प के रोता है ।😪
तूने कैसी की ये मन मानी है,
हे विधाता! ए तेरी मेहरबानी है ।🙏
मेरी मुस्कुराहट के पीछे की पीड़ा को कोई न जान सका,
अपने स्वार्थ के आगे ये जमाना मेरी आशाओं को ना पहचान सका ।
बिलख बिलख के सूख गया,मेरी आंखों का पानी है ।
हे विधाता ! ये भी तेरी मेहरबानी है ।🙏
रचनाकार 🖋️...वंदना स्तुति
3 years ago