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हम तो ठहरे मध्यम वर्गीन -ऊँचा स्वप्न सजाते हैं

Preksha Tripathi 24 Jun 2023 कविताएँ अन्य 33319 1 5 Hindi :: हिंदी

हम तो ठहरे मध्यम वर्गी
न ऊँचा स्वप्न सजाते हैं। 
एल० ई० डी० का ख़्वाब छोड़
सौ वटिया को ही जलाते हैं।। 
न फ्लोर कवर न ए० सी० कूलर
न सीलिंग फैन चलाते हैं। 
गोविष्ठा का लेप चढ़ाकर
ठंडक में सो जाते हैं।। 
लाइट आने पर सर्वप्रथम
मोटर की बटन दबाते हैं। 
कब भर जाए टंकी
इंतज़ार में समय बिताते हैं।। 
फॉक कटर व टिस्सू पेपर
का झोल समझ न पाते हैं। 
इसीलिए तो मैग्गी रोटी
साथै में खा जाते हैं।। 
हम तो ठहरे मध्यम वर्गी
न ऊँचा स्वप्न सजाते हैं।। 
 
प्रेक्षा त्रिपाठी
प्रतापगढ़ उत्तरप्रदेश

Comments & Reviews

VIVEK KUMAR PANDEY
VIVEK KUMAR PANDEY आप वो परिन्दा हो जिसका राज पूरे आसमान पर है, एक छोटे घोंसले तक सीमित नही हो आप🙏

2 years ago

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