Sonit Prajapati 03 Nov 2024 कविताएँ बाल-साहित्य गौतम बुद्ध 42974 0 Hindi :: हिंदी
बुद्ध बुद्ध कहती है ये दुनिया सारी 563 में लुम्बिनी ग्राम में खुशी हुई भारी तराई नेपान में क्षत्रिय शाक्य ने बनाई मिठाई पिता शुद्धोधन माता महामाई। पिता प्रधान, माता कौशल वंश की थी राजकुमारी सात दिन बाद हुई मृत्यु को प्यारी पालन पोषण की मौसी गौतमी ने ली जिम्मेदारी। 16 वर्ष में हुई शादी की तैयारी यशोधरा बनी गौतम की प्यारी राहुल की माता राज्य की महारानी। 29 वर्ष में घर को त्याग,वो वन में गया बूढ़े व्यक्ति को देख वो मन में खोया जब देखा उसने रोगी वो बहुत रोया मृतक को देख वो बहुत घबराया था और सन्यासी को देख वो समझ न पाया था इन चार दृश्यों को देख वो घर को छोड़ आया था। उरुवेला बिहार में ,पीपल के पड़े नीचे ध्यान लगाया था पूर्णिमा के दिन मन ईश्वर से मिलाया था ज्ञान का सागर पहला मन में सजाया था उत्तरप्रदेश में ,प्रवचन सारनाथ में सुनाया था। 483 ईसा पूर्व उत्तरप्रदेश में एक शरीर हमें मिला था कुशीनगर में शरीर को त्याग उसने दिया था 80 वर्ष तक अपना जीवन ,"सत्य की खोज में "आबाद किया था। लिखने का मन आज कुछ दिन बाद हुआ है सोनित प्रजापति को भगवान बुद्ध पर लिखकर , आज खुद पर नाज हुआ है। लेखक सोनित प्रजापति।