Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

एक सुनहरी किरण

Suraj pandit 30 Mar 2023 कविताएँ अन्य Kiran 52182 0 Hindi :: हिंदी

एक अन्ह सोचा रहा,
बैठ अंधेर कमरे में।
सूर्य की किरणों से तेज
चमक रहा एक प्रभा
जिसकी न थी कोई कल्पना
न थी जिसकी कोई रचना
बस माँ की कहानियों में छुपी
सुनेहरी किरणों की राज
जिसमें थी जीवन की
नई उद्देश्यों की बात
सारा दिन बीत गई
उस प्रभा की खोज में
भटकता रहा जीवन की
उस नई राह की तलाश में
मिलता गया घाटी-पर्वत
मिलती गई नदियाँ
छूटता गया, साथ दोस्तों का
छूटता गया, के साथ गुजारी लम्हा।
जीवन की हर एक मुश्किले को
पार कर आगे बढते गए।
दूनिया कि इंसानियत को हम
देखते चले गए।
आज भी मन में आ रहा एक सवाल
क्या थी माँ की कहानी में
छुपी सुनहरी किरणों की राज।

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: