शरद भूषण मोंगरा 24 Apr 2026 कविताएँ धार्मिक ईश्वर को ढूंढ, परमात्मा, अंतर में, 6965 0 Hindi :: हिंदी
खाक पर ही बात होगी जिस्म का गुरुर न कर नाम जप मालिक से मिल खुद से खुद को दूर न कर। डूबने में भेद है पर ढूंढने में देर ना कर, रब तेरे भीतर ही है तू मन जगत में चूर ना कर। शरद भूषण मोंगरा लेखक कवि गीतकार।