अंजली कुमारी 20 May 2024 कविताएँ देश-प्रेम देश के बच्चे 24928 0 Hindi :: हिंदी
हम उस देश के बच्चे हैं , जहां हर देशभक्त सच्चे हैं। जहां सैनिक अपने धुन के पक्के हैं, जहां किसान अपने कर्म से अच्छे हैं। जहां धूप सिखाए करना काम, छाया बतलाएं करना आराम। हम उस देश के हैं संतान, जहां वीर कर्म से बने महान। जहां मां की ममता प्यार भरा हो, पिता का दिल बहुत बड़ा हो। जहां सबों को समान अधिकार मिला हो, जहां के वीरों की हुंकार से दुनिया हिला हो। जहां की नदियों में बहती है निर्मल धारा, खेत खलिहानों को देते सहारा। जहां महापुरुषों ने दिए अद्भुत नारे, हम उस देश के बच्चे प्यारे। जहां जन्म लिए कई वीर, जो बदलते देश की तकदीर। जहां सभी को हो अपना यह देश जान से प्यारा , यह भारत देश है हमारा। जहां अतिथि का हो प्रेम से आदर, जहां न हो दुश्मनों का अनादर। जहां की धरती मां समान, न करते हम उनका अपमान। 'सोने की चिड़िया' है इस देश की ताज , 'तिरंगा' है इसकी पहचान। ये भारत देश महान, ये भारत देश महान।।