Rambriksh Bahadurpuri 26 Dec 2024 कविताएँ बाल-साहित्य #Rambriksh Bahadurpuri #Ambedkar Nagar poetry #Balgeet#Dishaon per kavita 29423 0 Hindi :: हिंदी
दिशाएं ( बाल गीत)
सूरज सदा निकलता पूरब
दक्षिण चलता जाता है
उत्तर जाने से पहले ही
पश्चिम में छिप जाता है,
बड़ा गेंद सा लाल रंग का
सुबह -सुबह दिख जाता है
तोड़ गगन से लाऊॅं उसको
मन को इतना भाता है
उत्तर-दक्षिण- पूरब- पश्चिम
चार दिशाएं होते क्यों?
एक दिशा बस पूरब होता
जैसे आता रहता त्यों।
रचनाकार
रामबृक्ष बहादुरपुरी
अम्बेडकरनगर उत्तर प्रदेश
I am Rambriksh Bahadurpuri,from Ambedkar Nagar UP I am a teacher I like to write poem and I wrote ma...