Gunja kumari 30 Mar 2023 कविताएँ बाल-साहित्य 34259 0 Hindi :: हिंदी
चलते-चलते थक जाते हो,
फिर भी बोल न पाते हो।
किसी भी तरह से आते हो,
फिर भी बोल न पाते हो।।
मन में विशवास हो,
जीवन में आश हो।
बड़े हुए तो अपने के,
छोटे हुए तो सपने के।