MUKESH KUMAR DHODHAWAT 01 Aug 2025 कविताएँ देश-प्रेम # भारत मेरी शान है 10134 0 Hindi :: हिंदी
ए भारत मेरे जीता हु तेरी शान में मरता हु तेरी शान में सालों से तुझे गुलामी की जंजीरों झकझोर दिया ओर बाहरी आक्रमणों ने अन्दर से तुझे तोड़ दिया आए थे कई लोग बाहर से तुझे पराया समझ कर पर आकर तेरी छांवो में बस गए तुझे अपना समझ कर तुझ पर मर मिटने की कसम खाते है लाल तेरे आंच ना आए तिरंगे को कसम खाते हैं लाल तेरे ओर सुनो देश की शान में ए भारत मेरे जीता हु तेरी शान में मरता हु..…... आजादी की मिठास का तीन रंगों की आस का ये तिरंगा फहराएंगे मधुर गान गाएंगे वीर अमर शहीदो ने देश के लिए बलिदान दिया हंसते हंसते प्राण दिए देश की मिट्टी को अपने नाम किया ओर सुनो देश की शान में ए भारत मेरे जीता हु तेरी शान में मरता हु तेरी ....… आज खेत के हलवाहे ने अपने हल को रोक लिया आजादी के पावन पर्व पर अपने काम को रोक लिया खुद को बताया अन्नदाता ओर अपनी मिट्टी अपना अनाज उसने सब में बाट दिया और सुनाऊं किसान की शान में ए भारत मेरे जीता हु तेरी शान में मरता हु तेरी शान में मुकेश कुमार धोधावत 7726075950 ए भारत मेरे जीता हु तेरी शान में मरता हु तेरी,.....