Vikas Yadav 'UTSAH' 18 Apr 2023 कविताएँ देश-प्रेम भारत को एक बनाएंगे विकास यादव उत्साह कविता साहित्य लाइव विकास यादव उत्साह कविता धार्मिक कविता भाईचारा कविता 39700 0 Hindi :: हिंदी
शीर्षक - भारत को एक बनाएंगे
संविधान कहेता है चींख कर
हम सब एक समान हैं,
विज्ञान कहेता वर्षों से
सब में रूधिरा लाल हैं।
एक ही जल, एक ही पानी
सबका एक ही आहार है ,
तब क्यों बांट रहे हो मानव
ये हिंदू ,ये मुसलमान है।
एक मिट्टी में पले- बड़े
एक गुरु से पढ़े-लिखे...२
मैं गीता में खोजू रब को
तुम खोजो कुरान में,
जब मिलते जुलते भाव हमारे
फिर कैसा अलगाव है प्यारे,
आओ मिलकर गले लगाएं
तुम्हारे ईद में खुशियां मनाएं ...२
भर दो घी मेरे दीए में
साथ में दीप जलाएंगे ,
आ जाओ ना मेरे घर भी
मुंह मीठा करवाएंगे।
बस इतना उत्साह का सपना...२
सबको साथ मिलाएंगे
जलने वाले जल जाओ तुम
भारत को एक बनाएंगे
काव्य- विकास यादव
'उत्साह'
(हैदरगंज ,गाजीपुर )