Vishal Jangid 11 May 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत 43368 0 Hindi :: हिंदी
ऐ मेरे हमसफर...
ऐ मेरे हमसफर तुम लोट आओ ना...
देखा था जब पहली दफा तुम्हे,
तब होश खो दिया था हमने।
चाहा था तुम्हे गले लगा लू,
बाहों में छुपा के अपना बना लू।
तेरी आंखो में आंखे डालकर हम बहक जाते थे,
तेरी मुस्कुराहट देख कर हम चहक जाते थे।
थोड़ा इन लम्हों को वापस ले आओ ना,
ऐ मेरे हमसफर तुम लोट आओ ना...
खुशियां हमेशा पास थी मेरी,
हर हंसी तेरे साथ थी मेरी।
आंखे खुलती थी बस तुझसे बात करने,
और सोते थे हम बस तेरे ख्वाब बुनने को।
तेरा साथ जैसे जन्नत सा था,
तू था मेरा मानो मन्नत सा था।
इन यादों में हमें फिर बांधने आओ ना,
ऐ मेरे हमसफर तुम लोट आओ ना...
आखरी लम्हे याद है हमे सारे,
बस आंसू ही थे साथ हमारे।
तू गया पर मुड़ के ना देखा,
तूने मेरा प्यार जरा भी न देखा।
हमने भी खुद को यूं संभाल लिया,
तेरी यादों को ही अपना घर बना लिया।
ज्यादा नहीं.....
तेरी यादों का बना मेरा घर देखने ही आ जाओ ना,
ऐ मेरे हमसफर तुम लोट आओ ना.....
तुम लोट आओ ना...
Vishal ✍️✍️