Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

“अभी टूटना मना है”

Anilkumar Rathwa (Sameer) 01 Jan 2026 कविताएँ अन्य “अभी टूटना मना है” 12093 1 5 Hindi :: हिंदी

जब साँसें भी बोझ लगें,
और हर कदम सज़ा लगें,
तब समझ लेना—
तू वहीं खड़ा है
जहाँ से इतिहास बनता है।

मंज़िल थकती नहीं,
थकता सिर्फ़ हौसला है।
और जो हौसले को
ज़िंदा जला देता है,
वही आग बनकर निकलता है।

गिरना कमजोरी नहीं,
पड़े रहना अपराध है।
डर को पालना ग़ुलामी है,
और रुक जाना—खुद से गद्दारी।

चलता रह, चाहे लहू बहे,
क्योंकि जो आख़िरी तक चलता है,
वक़्त भी एक दिन
उसी के क़दमों में चलता है।

अभी टूटना मना है,
अभी रुकना मना है—
क्योंकि जीत
सिर्फ़ ज़िद्दी लोगों की आदत होती है।

Comments & Reviews

Nihal singh
Nihal singh बहुत सुंदर भाव हैं—हौसला, तन्हाई और उम्मीद का संघर्ष साफ़ झलकता है। और यह एक सुन्दर नज्म हैं

4 months ago

LikeReply

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: