संदीप कुमार सिंह 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत मेरी यह कविता काफी रोमांचक है पाठक गण अवश्य ही लाभान्वित होंगें। 48841 0 Hindi :: हिंदी
आया सावन झूम के, निर्मल हो बरसात। कोयल गाती गीत है, मधुर मिलन की रात।। आया सावन झूम के, बादल गरजे घोर। पवन मस्त है रूप में, नई लगी है भोर।। आया सावन झूम के, धरती लगती खास। हरी_हरी है खेत में, फसल लगा है आस।। आया सावन झूम के, पवित्र सजल यह मास। भक्तों में आस्था भरे, भक्ति करते खास।। आया सावन झूम के, सजते शिव दरबार। पूजा आस्था जोर पर, मासों का यह हार।। आया सावन झूम के, प्रेम मय हुई रात। वर्षा होती है जोर की, जैसे यह सौगात।। आया सावन झूम के, प्रीत भरी यह मास। छलक रही है नीर ये, दिलवर भी है पास।। आया सावन झूम के, पुरबा बयार तेज। मचल रही है दिल लगी, खुशियां मिली दहेज।। आया सावन झूम के, मौसम है यह मस्त। रौनक में सब ही दिखे, गम का जैसे अस्त।। आया सावन झूम के, आए वह अब याद। चाह मिलन की अब बढ़ी, कई साल के बाद।। आया सावन झूम के, यौवन ने ली रंग। प्रेम भरे हैं हृदय में, अनुपम सुन्दर ढंग।। आया सावन झूम के, नाच रही है मोर। मचले सारे जीव ही, बारिश हो घनघोर।। आया सावन झूम के, साथ में रहे जान। फूलों सी दुनिया लगे, मधुर भरे हो गान।। आया सावन झूम के, कली कली में जोश। फूल फूल में भी चढ़े, मस्ती भर कर होश।। आया सावन झूम के, पानी होते खूब। मोहक लगती है जहां, सपने हो मंसूब।। आया सावन झूम के, दिखती सजी उद्यान। अम्बर से काली घटा, लेती है संज्ञान।। आया सावन झूम के, राखी का त्योहार। रक्षा बहनों की करें, भाई दे उपहार।। आया सावन झूम के, रक्षा बंधन पर्व। भाई जाते घर बहन, के करते हैं गर्व।। आया सावन झूम के, महक रही है फूल। रंग भरे लगते जहां, गायब हैं अब धूल।। आया सावन झूम के, लाया खूब बहार। उमंग से पानी गिरे, प्रभु का करें गुहार।। आया सावन झूम के, नई सृजन की भोर। चाहत करते युद्ध है, पाने को हो जोर।। आया सावन झूम के, हृदय की बुझी आग। खशियां ही खुशियां मिले, मौसम में है राग।। आया सावन झूम के, मंगल लाए हजार। धड़कन में है ताजगी, सुन्दर सरल विचार।। आया सावन झूम के, पात पात में शान। बात बात में रस भरे, बुलबुल सी है जान।। आया सावन झूम के, बादल गरजे खूब। बिजली चमके नाज से, रजनी भी मंसूब।। आया सावन झूम के, मन में भरूं उमंग। सबकुछ मेरे नाथ शिव, विजय का मिले रंग।। संदीप कुमार सिंह ✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा) बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....