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प्रकृति है अनमोल धरोहर

Komal Kumari 14 Aug 2025 कविताएँ समाजिक 11477 0 Hindi :: हिंदी

प्रकृति है अनमोल धरोहर 
है चारों तरफ सुंदर नजारा 
हुई है प्रकृति का जन्म 
मानव कल्याण हेतु 
प्रकृति है अनमोल धरोहर..
प्रकृति वरदान है,परम परमेश्वर का 
उगता है सूरज, होती है सुबह की पहली किरण 
पहली किरण की रोशनी के साथ 
पक्षियों की होती है पहली उड़ान 
महका फूल हर उपवन का 
देख वाटिका, प्रकृति है मुसकाई 
यह मुस्कान बनी किसी चेहरे की मुस्कान
प्रकृति है अनमोल धरोहर ...
अंबर को देख झूम उठी प्रकृति 
बादल संग नित्य कर रूप बदली 
और ले लिया वर्षा का रूप 
वर्षा गिरी धरा पर 
आ गई सोंधी-सोंधी खुशबू जमीन से
देख मनमोहक दृश्य धरती का 
आंचल जिसका नीला अंबर 
आंचल देख पहाड़ झूम उठा 
नदी है प्रकृति का शीतल छाव 
पेड़ पौधे का आधार स्तंभ है प्रकृति 
देख फसलों की हरियाली 
प्रकृति की है लीला न्यारी 
देकर पशु- पक्षी, मानव को जीवन 
है प्रकृति का उपकार 
रंगो भरी प्रकृति की रक्षा करना 
है हमारा परम कर्तव्य 
प्रकृति है अनमोल सौंदर्य धरोहर!

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