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सीख

Chanchal chauhan 31 Mar 2026 कहानियाँ समाजिक सीख 1213 0 Hindi :: हिंदी

रोहन सोहन दोनों मित्र थे। वह बचपन से ही साथ में पढ़े लिखे। दोनों की दोस्ती बहुत पक्की थी। वे एक दूसरे के लिए जान देते थे। बड़े होने के बाद भी उनकी दोस्ती वकरार रही।वे दोनों स्कूल से निकलकर कॉलेज में आ गये। 
वहाँ उन दोनों की दोस्ती एक बहुत अमीर लड़के साहिल से हुई। कुछ दिनों तक तो सब सही चला समय बीतने के बाद साहिल रोहन सोहन को एक दूसरे के खिलाफ भड़काने लगा। दोनों में दरार आ गई उनकी बचपन की दोस्ती टूट गई। साहिल बहुत खुश था दोनों की दोस्ती टूट गई। सोहन थोड़ा गरीब था। साहिल ने सोहन से बोलना बंद कर दिया रोहन के साथ रहना लगा। सोहन अकेला पड़ गया। उनके परीक्षा होने लगी। एक लास्ट पेपर रह गया था। तभी एक दिन पहले ही रोहन के हाथ में चोट लग जाती है। रोहन पेपर देने तो आता है जब वह इग्जाम देने बैठता है उसे लिखने में दिक्कत होती हैं। कुछ ही पेपर कर पाता है। वह साहिल से कहता है यार मुझसे लिखा नहीं जा रहा है प्लीज मुझे यार मेरा पेपर कर देना जब तुम्हारा हो जाये मैं सर से बोल दूगां। साहिल ने मना कर दिया मेरा तो लास्ट तक ही होगा किसी ओर से बोल दो। सोहन सब सुन रहा था। सोहन ने जल्दी से अपना पेपर किया। और सर को अपनी आनसरशीट जमा की और सर से सोहन के लिए पूछा। टीचर ने बोल दिया वह रोहन के पास गया। उसने रोहन से कहा मैं कर देता हूँ तुम्हारा पेपर जो याद हो वो बता देना। तब रोहन को एहसास हुआ पुराने दोस्त अच्छे दोस्त ही काम आते है। नये दोस्त के आने पर किसी के भड़काने से दोस्ती नहीं थोड़ी चाहिए। अगर कोई गलतफ़हमी हो गई हो तो उसे बात करके दूर करनी चाहिए। यह कहानी यह सीख देती है पुरानी दोस्ती किसी के वहकावे में आकर नहीं तोड़नी चाहिए। नहीं नई दोस्तो के लिए पुराने दोस्त छोड़ने चाहिए। बुरे वक्त में पुराने दोस्त। अच्छे सच्चे दोस्त काम आते है। दिखावे के नहीं।

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