Arun Kumar 19 Jul 2023 कहानियाँ हास्य-व्यंग (Google/Yahoo/Bing) 43829 0 Hindi :: हिंदी
एक बार की बात है, एक गांव में रहने वाले रामु नामक आदमी थे। वह बहुत ही चतुर और हास्यप्रिय व्यक्ति थे। गांव के सभी लोग उनकी मजाकियां बहुत पसंद करते थे। उनकी बातों में इतना मजा था कि उन्हें देखकर सभी लोग हंसते रहते थे। एक दिन, रामु को बहुत धूप में जाना पड़ा। उसे रास्ते में एक बड़ी सीख दिखाई दी। रामु बहुत चालाक थे इसलिए उन्होंने सीख से एक बड़ा सा पत्थर उठाकर बगीचे के पेड़ के नीचे रख दिया। बगीचे के मालिक को देखकर रामु अपनी चतुराई दिखाने के लिए उससे पूछने लगा, "क्या हुआ, भाई साहब? आपको कोई बुरी ख़बर सुनानी पड़ी?" मालिक: "हाँ, यार, आज तो दिन बुरा निकल गया है। मेरे पेड़ के नीचे एक बड़ा सा पत्थर पड़ गया है और मैं खुद उठाने का कोई विकल्प नहीं है।" रामु (मुस्कराते हुए): "अच्छा, भाई साहब, चिंता न करें। मैं आपकी मदद कर दूँगा।" मालिक: "सच? तुम करोगे?" रामु: "बिलकुल, भाई साहब, लेकिन एक शर्त पर।" मालिक: "शर्त क्या है?" रामु: "मुझे भी दूध के १०० लीटर मिल जाएंगे, तो मैं खुद हाथ से वह पत्थर हटा दूँगा।" मालिक (हैरान होकर): "क्या? इतना सारा दूध कहाँ से आएगा?" रामु: "आप चिंता न करें। मैं आपके गायों को एक ज़बरदस्त जोक सुना दूँगा, वे रोज़ १०० लीटर दूध देने के लिए तैयार हो जाएंगे।" मालिक: "ठीक है, लेकिन जल्दी करो।" रामु मालिक के गायों के पास गया और एक दम से रोमांचकारी अंदाज में एक जोक सुनाया। गायें बहुत खुश हो गईं और खुशी से दूध देने लगीं। मालिक ने रामु से पूछा, "अब पत्थर कहाँ है?" रामु: "आपको तो पता है, गायें जो दूध देने लगीं हैं, उन्हें एक दिन में व्यस्त रखने के लिए मैंने उन्हें बाहर भेज दिया। आज वे पिकनिक पे गई हैं।" मालिक (हंसते हुए): "रामु, तुम न कभी समझदार बनोगे, न ही मैं कभी तुम्हारे जैसा हास्यप्रिय व्यक्ति को भूल पाऊँगा।" इस तरह, रामु की चतुराई और हास्यप्रिय कहानी से सभी खुश हो जाते थे और वह अपने गांव का प्रिय व्यक्ति बने रहते।