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एक कहानी ऐसी भी

Hemlata pandey 11 Jun 2024 कहानियाँ दुःखद एक अच्छी कहानी ,दिल दहला देने वाली कहानी, सैड सोंग, सैड स्टोरी ,लव स्टोरी 61005 1 5 Hindi :: हिंदी

औरत क्या है ? ... भोगने  की चीज या पूजने की चीज। 

(औरत को लोग हमेशा उसी नजरों से kyu  देखते हैं... क्या औरत चीज है ....आज औरत चांद पर पहुंच गई हर उस क्षेत्र में है जिसमें मर्द है पर आज भी औरत चीज ही है)

बनारस_ 

  जिसे लोग शिव की नगरी कहते हैं. उसी शहर में एक छोटे से कस्बे में एक परिवार_।  " अर्जुन" जो शिव मंदिर में पूजा पाठ कर अपने परिवार का पेट पालता था. अर्जुन की पत्नी" आराध्या" जो पति का हाथ बटाने के लिए मंदिर के बाहर फूल बतासे बेचने का काम करती थी.

एक लंबा अरसा बीत गया पर कोई औलाद नहीं हुई.... बहुत समय बाद शिव जी की कृपा से एक बच्ची पैदा हुई जिसका नाम अवनी रखा गया. 7 साल की अवनी उसी कस्बे की एक सरकारी स्कूल में पढ़ती थी. उनका छोटा सा परिवार जिसमें वह बहुत खुश थे. दिनभर लोग कड़ी मेहनत करते थे. रात को हंसते खेलते चैन से सो जाते थे. पर कहते हैं कि "ईश्वर जब देता है तो छप्पर फाड़ के देता है और लेता है तो ऐसा लगता है कुछ छोड़ा ही ना हो"

ऐसा ही कुछ हुआ अवनी के साथ.... दिसंबर का आखिरी महीना था .चिल्ला जाड़ा पढ़ रहा था. दो-चार दिन पहले कुछ बूंदाबांदी हो गई थी. इसलिए सित की   भय करता और भी बढ़ गई थी सायं काल के चार पांच के बीच का समय था .

 अवनी अपने कुछ सहेलियों के साथ रोज की तरह उस दिन भी झर बेरी के बेर तोड़ने गई थी . बेर के ठीक सामने झुरमुट और पतझड़ था. अचानक से वहां पर एक आदमी आया और उसने छिपकर जोर से सारे पत्तों को एक साथ  झकझोड़ दिया... पत्तों में अचानक से हलचल होते देख सारे बच्चे डर के मारे भूत भूत करते हुए भाग के चले गए . अवनी भी भागने  को होती है पर वहां पर क्या है . "यह देखने की उत्सुकता उसे वहां पर खींच लाई और यही उसके जीवन की सबसे बड़ी गलती हुई".

 अवनी मन ही मन हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए आगे बढ़ रही थी ."जय हनुमान ज्ञान गुण सागर जय कपीस तिहुं लोक उजागर "पतझड़ के पास पहुंच वह हल्के से मुस्कुरा ई...." अरे चाचा आप हैं सबको लगा भूत है "इसलिए सब भाग के चले गए .......वह शख्स बेशर्म भरी मुस्कान के साथ बोला_" अच्छा सब भाग गए मुझे  भूत समझकर तुम तो नहीं भागी" हां मैं हनुमान चालीसा का पाठ कर रही थी ना मुझे पता था चालीसा पढ़ते समय बहुत मुझे  भूत नहीं छू सकता इसलिए नहीं भागी" 

  अवनी मुस्कुराते हुए बोली  .३०  ३२ साल का हट्टा कट्टा वह आदमी जिसका नाम मंगेश था ....वह थाने में हवलदार था... एक नंबर का  ऐयास और दारूबज  था. आज वह घर जल्दी जा रहा था रास्ते में बच्चों का झुंड देख उसके मन में कुछ शैतानी जागी जो उसने ऐसा किया. उसके हाथ में ...... 

Next chapter plz

Comments & Reviews

AJAY ANAND
AJAY ANAND बहुत बढ़िया प्रस्तुति आपकी ✍️✍️👌

1 year ago

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