Sweta Kumari 25 Nov 2024 कहानियाँ समाजिक Budbak 49844 0 Hindi :: हिंदी
आज माँ बहुत उदास थी। एक तरफ इकलौती पोती की शादी थी दुसरी तरफ बेटे ने ऐसा कह दिया था जिसकी कभी आशा नहीं की थी। मेरे पापा दो भाई थे। दादा जी की मृत्यु के बाद बड़े पापा ही guardian थे। पापा उन पर आंख mundkar विस्वास करते थे। property से संबंधित किसी भी काग़ज़ पर वो बिना मां की सहमति के हस्ताक्षर कर देते थे। हमलोग छह बहने थी। मां का मानना था कि समय रहते बेटियों का ब्याह होना चाहिए। मेरी बहनो के लिए अच्छे रिश्ते भी आ रहे थे लेकिन पापा तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि जबतक बड़े पापा की सभी बेटियों की शादी नहीं होती तब तक मेरी दीदी की शादी नहीं होगी। मां ने समझाने की कोशिश की लेकिन पापा कहते की भैया के बेटियों की जिम्मेवारी भी उन्हीं की है। बड़े पापा के तीन बेटे थे लेकिन कोई परिवार की जिम्मेदारी नहीं उठा रहे थे। दीदी के लिए बैंक मैनेजर का रिश्ता आया था। मां बोली इतना अच्छा रिश्ता हाथ से जाने मत दीजिए। पापा बड़े पापा को फोन किए। बड़े पापा बोले कि ऐसा मत करो नहीं तो मेरी बेटी को बहुत दुख होगा कि उसके रहते छोटी बहन की शादी हो गई। साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ जरूरी काम है काग़ज़ पत्र का इसलिए सादे काग़ज़ पर sign कर के भेज दो। मां बहुत बोली लेकिन पापा नहीं माने। दीदी की शादी भी नहीं हुई और पापा काग़ज़ भी भेज दिये। अगले साल बड़े पापा की बेटी की शादी पापा ने ही तय की। तिलक का समान जैसा कि तीन बार पापा दे चुके थे इसबार भी दिये। शादी अच्छे से हो गई। अगले साल मेरी दीदी की शादी ठीक हो गई। पापा बड़े पापा से कुछ property को बेचकर पैसे मांगे। बड़े पापा बोले कि आधे से अधिक property तो बिक चुकी है। बाकी का पावर of attorney छोटे बेटे के पास है। पापा जब ये बात मां को बोले तो मां बोली कि अब क्या कर सकते है। बड़ी दीदी की शादी के के एक महीने पहले बड़े पापा चल बसे। इसके बाद उनके तीनों बेटे हमलोगों से कट गए। उन्हें लगा की अब उन्हें भी हम बहनो की शादी मे सहयोग करना पड़ेगा। आज बड़े पापा की पोती की शादी है। मेरी सबसे छोटी बहन की शादी अभी तक नहीं हुई है। मां ने सिर्फ इतना कहा कि कोई अच्छा लड़का देखना। इसी पर भैया ने कहा कि अभी तक आप लोग chhutaki के लिए लड़का नहीं देखे। माँ बोली देखे लेकिन पसंद लायक नहीं मिला। उसपर भैया बोले इस उमर मे जो मिले उसी से कर दीजिए। बाबु (मेरे पापा को सभी इसी नाम से बुलाते थे) तो Budbak थे जो अपनी बेटी को छोड़कर बड़े भाई के बेटी के शादी के चक्कर मे लगे रहें। जिसकी छह छह बेटी वो इतना Budbak होगा। यह सुनकर मां awak रह गई। मां ने कहा अच्छा हुआ कि पापा नहीं रहे वर्ना ये सुनकर उनका रिश्तों से भरोसा उठ जाता और वो तिनकों की तरह बिखर जाते।