Ranjana sharma 01 Oct 2023 कहानियाँ अन्य अंजान रिश्ते#Google# 44754 0 Hindi :: हिंदी
एक लड़की रोज शाम को 5:30 बजे पार्क में आकर वहीं एक बेंच पर बैठ जाती और उसके ठीक 10मिनट बाद एक लड़का भी उसी के पास आकर बैठ जाता
वहां से दो बेंच छोड़कर तीसरी बेंच पर एक युवक रोज बैठकर उन्हें देखते रहता वह मन ही मन सोचता शायद वह उसका बॉयफ्रेंड होगा ।
एक दिन वह लड़की लड़का उस पार्क में नहीं आते ,पर वह युवक उसी बेंच पर एकटक निहारते रहता उसे उन दोनों को देखने की आदत हो गई थी और सच मानो तो उस लड़की के लिए उसके दिल में कुछ अजीब सा एहसास होने लग गया था।
दूसरे दिन वह लड़का देखता कि लड़की उसी समय पर आती और वह लड़का भी10मिनट बाद आ जाता पर आज उस लड़की के साथ एक और भी लड़की आई थी और कुछ देर बाद दूसरी लड़की और वह लड़का साथ - साथ हाथ पकड़कर चले जाते और वह लड़की अकेली वहीं बैठे रहती ।
उस युवक से रहा नहीं गया तो वह उसके पास जाकर पूछा - हेल्लो मेम एक बात पूछे वह लड़की पहले तो थोड़ा घबरा गई फिर वह धीरे से बोली आप कौन हो ,मैं आपको नहीं जानती और आप क्या पूछना चाहते हैं तब वह लड़का बोलता है -
कि आपके साथ जो लड़की थी वह कौन थी और वह लड़का कौन था ।पहले तो वह कुछ नहीं बताती पर बार - बार पूछने पर वह बोलती वे दोनों मेरे दीदी - जीजा जी थें उन दोनों के बीच कुछ गलतफहमी हो गई थी,जो आज सुलझ गई और वे दोनों आज फिर से एक हो गए।
इतना बोलकर वह वहां से चली जा रही थी और वह मन ही मन सोच रही थी कि काश! वो मुझे रोक लें तो दौड़कर उसके गले से लग जाऊं क्योंकि वह लड़की भी उसे मन ही मन चाहने लगी थी ।
और दूसरी तरफ लड़का सोचता कि काश! वह थोड़ी देर और रुक जाए तो अपने मन की बात उसे बताता।
पर वे दोनों एक दूसरे से अंजान थें पर प्यार तो दोनों के दिल में पनप उठा था इसलिए वे दोनों को बिछड़ने से दर्द हो रहा था ।
धन्यवाद