तेरी चाहत । - Shakuntala Sharma

तेरी चाहत ।     Shakuntala Sharma     शायरी     प्यार-महोब्बत     2021-09-22 10:36:54     # तेरी चाहत# मूर्त# खुदा हो जाते# सजा## खता     7290        
तेरी चाहत ।

तेरी चाहतो के हाथों हारी हु ।
वर्ना दुनिया में क्या रखा है ।
तेरी उल्फत के सिवा ।

तुझे चाहा तुझे ही पुजते रहें ।
अगर तू जो पत्थर की मूर्त होती ।
मेरे लिये खुदा हो जाती ।
दिल सिर्फ तेरा ही दीदार करता है।
क्या सजा देती अगर मुझसे कोई 
खता हो जाती "
शकुन्तला शमी

Related Articles

आओ खेल खेलें
आओ खेल खेलें

आओ खेल खेलें रंग बिरंगी कश्तियां बनाकर,बारिश के पानी में तेहराकर आओ खेल खेलें, डाल डाल पर चढ़ते जाए, लुक्का चुप्

आसान नहीं
आसान नहीं

आसान नहीं खुद से लड़ना अपनी उम्मीदों से झगड़ना आशाएं बढ़ती हैं जब जिंदगी से तब होता है खुद से रूबरू पढ़ना टकराते

संदेश
संदेश

पंक्ति है मेरी छोटी पर सबके मन को भाती है, इस देश के हर युवाओं को एक ही संदेश सुनाती है, समृद्दिवान बनो गुणवान बनो देश


Please login your account to post comment here!

© 2021 | All rights reserved by Sahity Live® | Powered by DishaLive Group