Peom - Sadhana devi

Peom     Sadhana devi     कविताएँ     अन्य     2021-09-26 15:04:49     Jhutha vada     7826        
Peom

वो कहते थे कि हम उनकी जान हैं।
पर आज पता चला कि हम छोडी़ 
हुई एक झुठी फ रियाद हू़ँ।
थमा था हाथ ऊमर
भर कि 
निभा ना सके एक  पल कि
ना वो आऐ ना उनका कोई 
खत आया 
Sandhya

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