पुरानी गर्ल फ्रेंड से भेंट - नमन कुमार कवि - Naman Kumar

पुरानी गर्ल फ्रेंड से भेंट - नमन कुमार कवि     Naman Kumar     कहानियाँ     हास्य-व्यंग     2021-09-22 11:53:04     NK tanha poetry, एक हास्य कविता     45523        
पुरानी गर्ल फ्रेंड से भेंट - नमन कुमार कवि

एक हास्य कविता ........


एक दिन दफ्तर से घर आते हुए पुरानी गर्ल फ्रेंड से भेट हो गयी ;

और जो बीवी से मिलने की जल्दी थी वह ज़रा सी लेट हो गयी;


जाते ही बीवी ने आँखे दिखाई -आदतानुसार हम पर चिल्लाई;

तुम क्या समझते हो मुझे नहीं है किसी बात का इल्म;

जरुर देख रहे होगे तुम सेकेट्री के साथ कोई फिल्म;



मैंने कहा - अरी पगली, घर आते ही ऐसे झिडकियां मत दिया कर;

कभी तो छोड़ दे, मुझ बेचारे पर 

इस तरह शक मत किया कर;



पत्नी फिर तेज होकर बोली - 

मुझे बेवकूफ बना रहे हो;

6 बजे दफ्तर बंद होता है 

और तुम 10 बजे आ रहे हो;



मैंने कहा अब छोड़ यह धुन - 

मेरी बात ज़रा ध्यान से सुन;

एक आदमी का एक हज़ार का 

नोट खो गया था;

और वह उसे ढूंढने की

 जिद्द पर अड़ा था;



पत्नी बोली, तो तुम 

उसकी मदद कर रहे थे;

मैंने कहा , नहीं रे पगली

 मै ही तो उस पर खड़ा था;



सुनते ही पत्नी हो गयी लोट-पोट;

और बोली कहाँ है वह हज़ार का नोट;

मैंने कहा बाकी तो खर्च हो गया 

यह लो सौ रुपये का नोट ;



वह बोली क्या सब खा गए

 बाकी के 900 कहाँ गए;



मैंने कहा : असल में 

जब उस नोट के ऊपर मै खडा था;

तो एक लडकी की निगाह में उसी वक़्त मेरा पैर पड़ा था;



कही वह कुछ बक ना दे 

इसलिए वह लडकी मनानी पडी;

उसे उसी के पसंद की पिक्चर हाल में फिल्म दिखानी पडी;



फिर उसे एक बढ़िया से रेस्टोरेन्ट में खाना खिलाना पड़ा;

और फिर उसे अपनी बाइक से 

घर भी छोड़कर आना पड़ा;



तब कहीं जाकर तुम्हारे लिए 

सौ रुपये बचा पाया हूँ;

यूँ समझो जानू तुम्हारे लिए 

पानी पुरी का इंतजाम कर लाया हूँ;



अब तो बीवी रजामंद थी - क्यूंकि पानी पुरी उसे बेहद पसंद थी;



तुरंत मुस्कुराकर बोली : 

मै भी कितनी पागल हूँ 

इतनी देर से ऐसे ही 

बक बक किये जा रही थी;



सच में आप मेरा 

कितना ख़याल रखते है

 और मै हूँ कि आप पर

 शक किये जा रही थी!

Spsl for... पिंकी

लेखक---- नमन कुमार

*✍️NK tanha poetry,*

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