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पापा तुम तो सागर हो-सपने हमने देखे थे बस पापा ने पूरे करवाए

Madhur garg 23 Jul 2023 गीत अन्य त्याग की मूरत 48820 0 Hindi :: हिंदी

पापा तुम सागर हो
 
वह दिन जब मेरा जन्म हुआ ।
तब तुम पापा कहलाए थे ।।
अखियों में अश्रु की धारा ।
गोदी में मुझे उठाए थे ।।
रोज काम पर जाकर के ।
कुछ पैसे आप कमाते थे ।।
भर जाए पेट मेरा ये सोच ।
 कुछ खाने को ले आते थे ।।
चल पड़ा हूं जिन पैरो पर मैं ।
वो मेरे नही वो आपके है ।।
वो त्याग,तपस्या आपने की ।
वो खून पसीना देखा है ।।
आंधी हो या फिर बारिश हो ।
वो धूप में तपना देखा है ।।
सपने हमने देखे थे बस ।
पापा ने पूरे करवाए ।।
एक बार कहा ये दिलवा दो ।
पापा खुद आग में सिक लाए  ।।
हम पापा तुमसे पूछ सके। 
हिम्मत भी इतनी न होती ।।
इन खुली चमकती आंखों ने ।
कभी खुद का सपना देखा है ।।

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