MAHESH 30 Mar 2023 गीत प्यार-महोब्बत प्यार-मोहब्बत 36684 0 Hindi :: हिंदी
स्वरचित रचना--- किसी से कोई प्यार नहीं करे....!
संदर्भ---प्यार-मोहब्बत
दिल देता है रो-रो दुहाई,
किसी से कोई प्यार न करे!
बड़ी महंगी पड़ेगी जुदाई,
किसी से कोई प्यार न करे!-------मूलगीत।
स्वरचित अंतराएं-👇
आंखों से बहते, अश्कों के धारे!
आहों से उठते, दर्दे ए गुबारे!
अब कैसे? जग से छुपाई?
किसी से कोई प्यार न करे!
रोना-धोना, भूखे सोना!
अस्त-व्यस्त जीवन का होना!
तारे गिन-गिन रतिया बिताई!
किसी से कोई प्यार न करे!
उसके तीरे नजर वो नैना!
उड़ा ले गए दिल का चैना!
"भेजा" हो गया हवा-हवाई!
किसी से कोई प्यार न करे!
देखूं जिधर वो ही नजर आए!
दर्द न उसका भूले भुलाए!
कोई असर न करे दवाई!
किसी से कोई प्यार न करे!
************************
मूलगीत के प्रतिवाद में
हमारी लिखी अंतराए कैसी हैं?
Please tell me.
~✍️ महेश