चाहे किसी से शुरू करूं,
चाहे किस पे खत्म करूं,,
त्याग एवं प्रेम उन सब पर भारी होगी मां का,
भगवान को भी सोचना पड़ जाएगा तो मां गाथा मैं क्य read more >>
पत्थर को भी बोलने पर मजबूर कर दू, पेड़ को छू कर भी उसका दर्द दूर कर दू. ऐसा हुनर दिया है मेरे राम ने, कि घमण्डी को देखकर भी उसका घमण्ड चुर कर � read more >>
ललचाई आखों से जिस दिन से तुमको देखा है, उस दिन से मेरी जुबा पर बस तेरे नाम की रेखा है, ना भूख लगे ना प्यास लगे ख्वाबो में तुझको निरेखा है, � read more >>
लोग बरसों जुदा हो के जीते हैं,
दर्दे अश्क जुदाई का पीते हैं।
सम्मोहन की शक्ति के बल पर,
एक_दूजे से दूर रहकर भी हस्ते हैं।
एक वादा _और याद� read more >>
जब से देखा तुझे जानू,
क्या हाले दिल कहूं।
सिवा तेरे कुछ सूझता ही नहीं,
अपना नाम तो बता_
अपने घर का पत्ता तो बता।
सोख हसीना तूं ,
बेख्याल � read more >>