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रास्ते अच्छे नही लगते सफर अच्छा नहीं लगता तुम्हारे बिन न जाने क्यो ये घर अच्छा नहीं लगता ज़माने की सारी नेमते मौजूद हो लेकिन अगर बेट� read more >>
उजडे हुऐ चमन की पहचान हो गये हम एक खुशनुमा चेहरे की मुस्कान हो गये हम हम हो गये मेहमान किसी खुशनुमा जिगर के जब से मिली निगाहें कुर्वान read more >>
किसी को रुला कर भला कैसे खुश रह पाओगे हकीकत यही है जैसा बोओगे वैसा ही पाओगे read more >>
अपने दिल में पनहा दी हमने, अपनी सांसों में वसा लिया हमने, अपनी आंखों में छिपा लिया हमने। read more >>
एक मुक्तक अपने ही हाथों से अपना, जिगर जलाए बैठे हैं । खुशबू की चाहत में गुल से, धोखा खाए बैठे हैं । देख रहे हो जिन आँखों में,सपनों की त� read more >>
दिल के घर में तुझ को बिठाकर, पलकों के दरवाजे में बंद कर लेंगे, आंखों में काजल की तरह समा लेंगे। read more >>
दिल के घर में तुझ को बिठाकर, पलकों के दरवाजे में बंद कर लेंगे, आंखों में काजल की तरह समा लेंगे। read more >>
प्यासा ही पानी कीमत समझता है, भूखा ही भोजन कीमत समझता है, जिसे लगती है चोट उसे ही दर्द होता है,जिसका कोई खो जाता है,उसकी तकलीफ वो ही समझत� read more >>
हमने की थी दोस्ती तुमसे, थोड़ा गम हमारा कम हो जाए, ग़म क्या कम होता, हमें अंधेरे कुएं में छोड़ आये। read more >>
किसी ने ना समझा दर्द मेरा, और चोट करके चला गया, समझा था हमको लोहा, हथौड़ा मारकर चला गया। read more >>
किसी ने ना समझा दर्द मेरा, और चोट करके चला गया, समझा था हमको लोहा, हथौड़ा मारकर चला गया। read more >>
ना जाने लोग क्यूं शराब पीते हैं, वतन से इश्क करने का नशा क्या कम होता है........ read more >>
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