खुशिया भी मन को भाती ना
जब माँ की यादे आती ना
जब माँ अजल में सुलाती थी
वो बात भुलायी जाती ना
खुशिया भी मन को भाती ना
जब माँ की यादें आती � read more >>
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जहाँ टपका दुखी आँसू, वहाँ घायल हुआ शिक्षक ।
जहाँ टूटा सपन कोई, वहाँ पागल हुआ शिक्षक ।
दुखों की राह में जग को, अकेला छोड़ता है कब-
जहाँ दे� read more >>
एक बार "मैं" फिर से "मैं " होना चाहती हूं ...ना किसी की अपनी न किसी की पराई होना चाहती हूं.. इन अनजानी राह में खुद का "वजूद" ढूंढना च� read more >>
एक बार मेघ आ रही है,
तो एक बार धूप आ रहा है।
यह आंख_मिचौली का खेल,
सुबह से चल रहा है।
मुझे लगता आज दोनों में ठनी है,
एक दूजे को हराने का,
भर� read more >>
न शौक, न श्रृंगार ,न इच्छा न चाह हो,
न दु:ख हो न दर्द हो,कठिन भले ही राह हो,
तेरे बिना रहना कैसा?भाये भला तनहाइयां?
बनकर सदा चलता रहूं ,अमिट � read more >>