Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

सपनें

Rambriksh Bahadurpuri 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक #Rambriksh Bahadurpuri kavita #Rambriksh Bahadurpuri Ambedkar Nagar #Rambriksh Bahadurpuri 37513 0 Hindi :: हिंदी

कविता -सपने

सपने बुन  लो
गुन लो धुन लो
खुद ही चुन लो
सपने बुन लो। 

सारे सपने 
होते अपने
सोंच समझ कर
दिल की सुन लो। 
गुन लो धुन लो
सपने बुन लो। 

आंखें मूंदे
सपने देखे
सच होते क्या!
खुद ही गुन लो। 
दिल की सुन लो
सपने बुन लो। 

आंख खोल कर
देखो सपने
नीद कहां फिर
रातें गिन लो। 
सपने बुन  लो
गुन लो धुन लो। 

हर एक सपना
ऊंचा  देखो
ऊंचा ऊंचा
सोंच समझ कर
खुद ही चुन लो। 
सपने बुन  लो
गुन लो धुन लो। 

रचनाकार -रामबृक्ष बहादुरपुरी अम्बेडकरनगर यू पी 

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: