खत लिखता हूं प्रभु
तुम्हे पहली ही दफा
कर लेना ये स्वीकार
होना मुझपे ना खफा...!!
दीन बच्चा हूं मैं तेरा,
लें विनती मेरी मान,
तेरी शरण में � read more >>
मैं आज का युवा हूं ..........
कही कही भटका सा हूं
ख्वाबों के समंदर में रहता हूं
पर हकीकत से डरता हूं
मैं आज का युवा हूं .........
आज की शक्ति हूं
� read more >>
कितने अच्छे थे वे दिन
जीते थे चिंता के बिन..
खूब पढ़ना, खूब लिखना
मौज मस्ती, गिन -गिन -गिन
चलते फिरते थे बिंदास
रखते दिल में बड़ी सी आस
अ� read more >>