ख्वाइशों से बढकर जो मिले
उसका कोई किनारा नही होता।
चाहे सपना कुछ भी हो
जो हकीकत मे हमें ना मिले
वो हमारा नही होता।
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कभी वा� read more >>
जो पहले ही कदमो में लडखडा जाये
वो चाल ही क्या ?
जो तेज भी दौडे और मंजिल तक न पहुँचे
वो रफ्तार ही क्या ?
जो चहरा देखकर मुँह फेर ले
वो प्यार read more >>
जब इन्सान के पास कई ऑफर होते है तो वह कन्फ्यूज हो जाता है। वह डिसाइज नही कर पाता है कि उसे क्या चाहिए होता है और वह गलत डिसिजन ले लेता है। read more >>